दिवाली का तोहफा...१४-११-२०२०

*दिवाली का तोहफा* कविता
१४-११-२०२०

लेकर आए हैं, दिवाली त्योहार का तोहफा,
नहीं चल पाएगा बहाना इन्कार का दीवाली में ।

दीवाली लेकर आए हैं गीत प्रेम के,
गुनगुनाते रहीए सरगम के सूर का ।

दीपावली के दीपक से जगमगा जहां सारा,
नजारा देखो सदाबहार दीवाली के त्योहार का ।

चाँद तारों से सजी और धरती रोशनी से सजी है,
ये देख नाच गा रहा है ‌हर शख्स यहां ।

छाया त्योहार का नशा हर तरफ देखो,
गांव, शहर में छा  रही है, दीवाली की खुशी देखो ।

भावना सभर उत्साह चारों कोर छाया देखो,
लेकर आई दीवाली त्योहार का रंग-बिरंगी तोहफा ।

दीवाली में रंगोली सजाने का मौका मिलता है,
रोशनी और नमकीन,मीठाई से सज़ा हर घर है ..
भावना भट्ट अमदाबाद....
➖〰️➖〰️➖〰️➖〰️➖

Comments

Popular posts from this blog

સોશ્યલ મીડિયા નાં ફાયદા અને ગેરફાયદા

એક સાચો શિક્ષક... કવિતા

કોરો કાગળ