बेडीयो में प्रशासन ११-११-२०२०
*बेड़ियों में प्रशासन* कविता
११-११-२०२
ए छोटी सी जिन्दगी सबकी और
बड़ी सी आशा है,
पर बेड़ियों मे बंध प्रसाशन है ।
हर गांव, शहेर गली मोहल्ले गंदकी से रोगग्रस्त बना है,
जीवन जीने के लिए लोगों बेहाल हो गए है ll
जीवन की लम्बी यात्रा बेकारी और भूखमरी की शिकार है,
अपेक्षा छोटी मात्र ये के प्रसाशन आम जनता का दुःख दर्द समझे ।
दुःखीयो का इलाज करे और भ्रष्टाचार कम हो तो
जीवन अनमोल सरगम बने पर प्रसासन ने आंख पर पट्टी बांध रखी है ।
आम जनता का जीवन मर्यादाओं में बंध गया है,
पर जो सत्ता पे बैठे हैं वो ना सुनते है ना समझते है ।
बाँट ले हर समस्या को ऐसा कोई नहीं है प्रसाशन में,
सारे झंझट को एक सूत्र में बांधकर प्रसाशन सो रहा है ll
टेक्ष, बिल, महंगाई की वजह से पिस रहे आम आदमी,
ऐ देख भावना रो पड़ी पर बेड़ियों में बंधा प्रसाशन है ।।
भावना भट्ट अमदाबाद ....
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